बशीर बद्र के चुनिंदा शेर और शायरी | Top 30 Bashir Badr Shayari Collection

Top 30 Bashir Badr Shayari Collection:- बशीर बद्र भारत के मशहूर शायर है। जिनका जन्म 15 फरवरी 1935 में हुआ था। साहित्य में इनके द्वारा दिए गए योगदान के लिए इन्हें 1999 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया जा चुका है।

जन्म तिथि 15 February 1935
पूरा नाम सैयद मोहम्मद बशीर
जन्म स्थान अयोध्या
पत्नी डॉ. राहत बद्र
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय/पेशा शायर
अवार्ड पद्मश्री, साहित्य अकादमी पुरस्कार
वेबसाइट https://www.bashirbadr.com/

Bashir Badr Shayari

1- लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में

2- हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं
उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में

3- मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला

4- सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा

5- अच्छा तुम्हारे शहर का दस्तूर हो गया
जिस को गले लगा लिया वो दूर हो गया

6- न जी भर के देखा न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की

7- यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे

8- हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए
चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाए

मैं ख़ुद भी एहतियातन उस गली से कम गुज़रता हूँ
कोई मासूम क्यों मेरे लिए बदनाम हो जाए

9- अजीब शख़्स है नाराज़ हो के हँसता है
मैं चाहता हूँ ख़फ़ा हो तो वो ख़फ़ा ही लगे

10- कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता

log tut jate hain ek ghar banane mein bashir badr
Log Tut Jate Hain Ek Ghar Banane Mein Ghazal By Bashir Badr

Bashir Badr Poetry In Hindi

11- आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा

12- रात आँखों में ढली पलकों पे जुगनू आए
हम हवाओ की तरह जाके उसे छू आए

बस गई है मेरे अहसास में ये कैसी महक
कोई ख़ुशबू में लगाऊँ तेरी ख़ुशबू आए

उसने छू कर मुझे पत्थर से फिर इंसान किया
मुद्दतों बाद मेरी आँखों में आँसू आए

13- ज़िंदगी तूने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं
पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है

14- इसीलिए तो यहाँ अब भी अजनबी हूँ मैं
तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं

15- ख़ुदा हम को ऐसी ख़ुदाई न दे
कि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे

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1- ज़ुबैर अली ताबिश की मशहूर शायरियाँ
2- तहज़ीब हाफ़ी की चुनिंदा शायरियाँ
3- महशर आफ़रीदी की मशहूर और चुनिंदा शेरो शायरी

16- दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों

17- इसी शहर में कई साल से मेरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं
उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं मुझे उन का कोई पता नहीं

18- उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते

19- भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली

20- आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है
बेवफ़ाई कभी कभी करना

sar se paa tak wo gulabon ka shajar lagta hai bashir badr
Sar Se Paa Tak Wo Gulabon Ka Shajar Lagta Hai Ghazal By Bashir Badr

बशीर बद्र के चुनिंदा शेर और शायरियाँ

21- उन्हीं रास्तों ने जिन पर कभी तुम थे साथ मेरे
मुझे रोक रोक पूछा तेरा हम-सफ़र कहाँ है

22- दुआ करो कि ये पौधा सदा हरा ही लगे
उदासियों में भी चेहरा खिला खिला ही लगे

23- ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं
तुम ने मेरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा

24- हम दिल्ली भी हो आए हैं लाहौर भी घूमे
ऐ यार मगर तेरी गली तेरी गली है

25- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

26- कभी तो शाम ढले अपने घर गए होते
किसी की आँख में रह कर सँवर गए होते

27- अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जायेगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझे चाहेगा

तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लायेगा

28- रोने वालों ने उठा रक्खा था घर सर पर मगर
उम्र भर का जागने वाला पड़ा सोता रहा

29- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

30- वो शाख है न फूल अगर तितलियाँ न हों
वो घर भी कोई घर है जहाँ बच्चियाँ न हों

Aag lehra ke chali hai ise aanchal kar do bashir badr
Aag Lehra Ke Chali Hai Ise Aanchal Kar Do Ghazal By Bashir Badr

Bashir Badr Shayari In Hindi

31- बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता

32- हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं
दिल हमेशा उदास रहता है

33- हसीं तो और हैं लेकिन कोई कहाँ तुझ सा
जो दिल जलाए बहुत फिर भी दिलरुबा ही लगे

34- शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है
जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है

35- इसीलिए तो यहाँ अब भी अजनबी हूँ मैं
तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं

36- जिस दिन से चला हूँ मेरी मंज़िल पे नज़र है
आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा

37- कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा
मुझे मालूम है क़िस्मत का लिक्खा भी बदलता है

38- मैं चाहता हूँ कि तुम ही मुझे इजाज़त दो
तुम्हारी तरह से कोई गले लगाए मुझे

39- सब लोग अपने अपने ख़ुदाओं को लाए थे
इक हम ही ऐसे थे कि हमारा ख़ुदा न था

40- हम दिल्ली भी हो आए हैं लाहौर भी घूमे
ऐ यार मगर तेरी गली तेरी गली है

aankhon mein raha dil mein utar kar nahin dekha bashir badr
Aankhon Mein Raha Dil Mein Utar Kar Nahin Dekha Ghazal By Bashir Badr

बेस्ट बशीर बद्र शेर हिंदी में

41- उन्हें कामयाबी में सुकून नजर आया
तो वो दौड़ते गए
हमें सुकून में कामयाबी दिखी
तो हम ठहर गए

ख़्वाईशो के बोझ में बशीर
तू क्या क्या कर रहा है
इतना तो जीना भी नहीं
जितना तू मर रहा है

42- सात संदूक़ों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें
आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत है बहुत

43- ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैंने
बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला

kabhi to sham dhale apne ghar gae hote bashir badr
Kabhi To Sham Dhale Apne Ghar Gae Hote Ghazal By Bashir Badr

आशा करते हैं आपको हमारी पोस्ट बशीर बद्र के चुनिंदा शेर और शायरी | Top 30 Bashir Badr Shayari Collection पसंद आयी होगी। धन्यवाद

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